उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी)

 

     

युवाओं को एमएसई की स्‍थापना करने के लिए अपेक्षित औद्योगिक गतिविधि के विभिन्‍न पहलुओं के बारे में जानकारी देकर उनकी प्रतिभा में निखार लाने के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन किया जा रहा है । इन ईडीपी का आयोजन आम तौर पर आईटीआई, पोलिटेकनिक और अन्‍य तकनीकी संस्‍थानों में किया जा रहा है जहां उन्‍हें स्‍वरोजगार के लिए प्रेरित करने के लिए कौशल उपलब्‍ध है ।

ईडीपी के कुल लक्ष्‍य का 20 प्रतिशत कार्यक्रम समाज के केवल कमजोर वर्गों (अर्थात अनुसूचित जाति/जनजाति/महिलाओ और शारीरिक रूप से विकलांगों) के लिए आयोजित किया जाता है जिसमें सूक्ष्‍म व लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए संवर्द्धनात्‍मक पैकेज के अधीन प्रति अभ्यर्थी प्रति माह 500 रूपये का स्‍टाइपेंड दिया जाएगा । इन कार्यक्रमों में अनुसूचित जाति/जनजाति/महिलाओ और शारीरिक रूप से विकलांग अभ्‍यर्थियों से कोई शुल्‍क नहीं लिया जाएगा ।

इन उद्यमिता विकास कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम की विषयवस्‍तु उत्‍पाद/प्रक्रिया डिजाइन, निहित विनिर्माण प्रक्रियाओं, जांच और गुणवत्‍ता नियंत्रण, उपयुक्‍त मशीनरी और उपकरणों का चयन और उपयोग, परियोजना की रूपरेखा तैयार करना, विपणन के अवसर/तकनीक, उत्‍पाद/सेवा का मूल्‍य निर्धारण, निर्यात के अवसर, उपलब्‍ध आधारभूत संरचना की सुविधाएं, वित्‍त और वित्‍तीय संस्‍थाएं, नकद प्रवाह आदि के बारे में उपयोगी सूचना मुहैया कराने के लिए तैयार की गई है ।

 

एजेंसी: ये प्रशिक्षण कार्यक्रम मंत्रालय के सू.ल.म.उ.विकास संस्‍थानों

द्वारा चलाए जाते हैं।

अवधि: 2 सप्‍ताह

न्‍यूनतम क्षमता: 20

प्रशिक्षण शुल्‍क (न्‍यूनतम): (i) सामान्‍य अभ्यर्थियों के लिए 100 रूपये (ii): अनुसूचित

जाति/जनजाति के लिए कोई शुल्‍क नहीं और महिलाओं व शारीरिक रूप से विकलांगों से 50 प्रतिशत शुल्‍क लिया जाएगा

प्रशिक्षण लागत: 20,000 रूपये

उम्र: 18 वर्ष और अधिक

अर्हता: संस्‍थान के निदेशक द्वारा यथानिर्धारित

अतिथि वक्‍ताओं के लिए मानदेय: 1 घंटा और 30 मिनट के सत्र के लिए 500 रूपये